Akshaya Navami 2024: अक्षय नवमी के दिन इस तरीके से करें विष्णु चालीसा का पाठ, मिलेगा पूरा फल
Akshaya Navami 2024: हिंदू धर्म में अक्षय नवमी का बहुत बड़ा महत्व है। इस नवमी का नाम है ‘आंवला नवमी’ या ‘विष्णु नवमी’ । यह दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के नाम पर धरती पर आया है। किए गए किसी भी भगवान में अक्षय पुण्य प्राप्त होता है, यानी जिस पुण्य का समापन नहीं होता। हमें पता चला कि अक्षय नवमी 2024 का शुभारंभ कब हैं, पूजा की विधि और विष्णु नाम की महिमा में.

अक्षय नवमी 2024 की तारीख और शुभ मुहूर्त
अक्षय नवमी 2024 में 12 नवंबर, मंगलवार को मनायी जाएगी । इस दिन आंवला वृक्ष की विशेष पूजा करने की शोभा अच्छि लगती है । पूजा का शुभ मुहूर्त कुछ इस तरह है :
पूजा मुहूर्त : सुबह 9:00 बजकर दोपहर 12:00 बजे
संध्या पूजा : शाम 4:00 बजकर शाम 6:00 बजे
पूजा के दौरान होने वाली सकारात्मक ऊर्जा के कारण सब कुछ सिद्धि के साथ होने सुसवादित हो जाता है और इसे विष्णु भगवान्न्ं आशीर्वाद इस जूनी यात्रियों को ।
अक्षय नवमी का धार्मिक महत्व
मुख्य सारहयत तो भगवान विष्णु से यह निकाया निकालता है । जुनुलवाला नवमी आए और तो अक्षय पूजन पर्व भगवान विष्णु को भगवान हमारे धर्मशास्त्रोंनि अक्षय पुण्य प्राप्तित का उपहार सिथीताधलाया गया । यह पर्व सत्य युग के आरम्भ का प्रतीक है और इसे शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम पुण्यदायी योगदानायक नर्यावाना भला माना गयाइन्या भगवान विष्णु पूजा, दान, एवं यज्ञादि करिएमेमे कामगानि नि ककियाने से धरती पर अमर् थनि@api@RestController
वट् तॉडे का उपयोगि विडियो हे! आप यहाँ से ऑडियो और स्क्रिप्ट दोनों डाउनलोड कर सकते हैं।

अक्षय नवमी पूजा विधि (Akshaya Navami 2024)
आंवला वृक्ष की पूजा: पहले तो आंवला और वट् वृक्ष की पूजा करनी है। वृक्ष पर जलार्पण करें जिसे पूजये, फिर वाट के वृक्ष के चारों ओर दीपक जलाएँ. अब वृक्ष के पास बैठकर ध् यान करें और भगवान विष्णु का नाम स्मरन करें.
विष्णु जी की मूर्ति का अभिषेक: भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को जल, दूध, और गंगाजल से स्नान कराएं। फिर चंदन, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें।
विष्णु चालीसा का पाठ: विष्णु चालीसा का पाठ करें और भगवान विष्णु से अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। यह पाठ न केवल मन की शांति प्रदान करता है बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी लाता है।
भोग अर्पण: भगवान को तुलसी दल, फल, और मिठाई अर्पित करें। प्रसाद को सभी घर के सदस्यों के साथ साझा करें।
दान का महत्व: इस दिन दान का विशेष महत्व है। संभव हो तो गरीबों में अनाज, वस्त्र, और अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करें।
विष्णु चालीसा का महत्व: अक्षय नवमी के दिन विष्णु चालीसा का पाठ विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया है। विष्णु चालीसा के पाठ से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। विष्णु चालीसा में भगवान विष्णु के अद्भुत गुणों और उनकी महिमा का वर्णन है। इस पाठ से मन को शांति मिलती है और सभी प्रकार की परेशानियाँ दूर होती हैं।
अक्षय नवमी पर आंवला वृक्ष का महत्व: आंवला वृक्ष को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। अक्षय नवमी के दिन आंवला वृक्ष के पास पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसे स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा से शरीर के रोग दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
अक्षय नवमी एक धार्मिक त्योहार है जो भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति और अक्षय पुण्य अर्जित करने के लिए मनाया जाता है। इस पर्व के दिन पूजन और विष्णु चालीसा का पाठ हमारे जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाता है। इस अक्षय नवमी पर ब्रह्मांड के पालनहार भगवान विष्णु और आंवल वृक्षों की पूजा करें और उन्हें विष्णु चालीसा का पाठ करने चाहिए और वे अपने परिवार के लिए आशीर्वाद दें।